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इंडियन प्रो म्यूजिक लीग में गोविंदा के मस्ती भरे गीत गाते हुए नज़र आएंगे सिंगर ऋतुराज मोहंती
17 मई से दोबारा शुरू हो चुकी है शूटिंग, जल्द ही टेलीकास्ट होंगे नए एपिसोड
कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन के बाद अब टीवी के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले म्यूजिक रियलिटी शो इंडियन प्रो म्यूजिक लीग की शूटिंग 17 मई के बाद से दोबारा शुरू हो गई है और दर्शकों को इसके नए एपिसोड्स जल्दी ही देखने को मिलेंगे। शो में बंगाल टाइगर्स टीम के सिंगिंग संसेशन ऋतुराज मोहंती ने बताया कि टीम इस बार गोविंदा स्पेशल एपिसोड की तैयारी कर रही है। गोविंदा उनकी टीम के सपोर्टर है, इसलिए खासतौर पर टीम के कैप्टन शान और आकृति कक्कड़ के साथ वे गोविंदा के मस्ती भरे गीतों को गाने की तैयारी कर रहे हैं।
ऋतुराज कहते हैं कि बंगाल टाइगर्स की पूरी टीम अब एक परिवार की तरह जुड़ गई है। लॉकडाउन के कारण भले ही शो की शूटिंग बंद थी पर हम सभी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। हमारी टीम के कैप्टन शान न सिर्फ एक वर्सेटाइल सिंगर है बल्कि बड़े नेकदिल इंसान भी है, उन्होंने हम सभी का वेक्सिनेशन करवाने में भी काफी मदद की। अब जब महाराष्ट्र सरकार और मुंबई प्रशासन की ओर से हमें शूटिंग शुरू करने के लिए मंजूरी मिल चुकी है तो हम आईपीएमएल के नए एपिसोड की शूटिंग की तैयारी कर रहे हैं।
हाल ही में ऋतुराज ने दृश्यम फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म ‘आधार’ का गीत ‘चंदा’ गाया है, जिसका संगीत प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर शांतनु मोइत्रा ने दिया है। इसके साथ ही उन्होंने राणा दग्गुबती और पुलकित सम्राट की फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ का गीत ‘शुक्रिया’ भी गाया है। दोनों ही गाने रिलीज़ हो चुके हैं और फ़िल्में जल्द ही रिलीज़ होने वाली है। अपने संगीत के सफर को याद करते हुए ऋतुराज कहते हैं कि मेरे घर में संगीत की परम्परा शुरुआत से ही रही है। पापा तबला बजाते थे और मुझे अपने साथ हर शो में गाना गाने के लिए ले जाया करते थे।
उन्होंने ही मुझे ओडिसी शास्त्रीय संगीत सीखने के लिए भेजा पर शुरुआत में मुझे क्लासिकल म्यूजिक बड़ा बोरिंग लगता था क्योंकि मैं अपने आस-पास जिस तरह का संगीत रेडियो या टीवी पर सुन रहा था, यह उससे बहुत अलग था। हर बच्चे की तरह मैं भी फिल्मी गाने गाना चाहता था। तब पापा ने मुझे समझाया कि शास्त्रीय संगीत ही हर तरह के संगीत का आधार होता है। यदि मैं सीधे फ़िल्मी गाने गाने लगूंगा और किसी दिन कोई कठिन गीत मेरे सामने आया तो उसे निभाना मेरे लिए मुश्किल हो जायेगा पर जिसने शास्त्रीय संगीत सीखा हो वो गायक हर तरह के गीत गा सकता है। उनकी इस बात की गांठ बांधकर ही मैंने अपने संगीत के सफर की शुरुआत की और आज इस मुकाम तक आ पहुंचा हूँ।
मुश्किल समय में आपका हौसला ही सबसे अच्छा दोस्त होता है
कोविड – 19 के कारण पूरी दुनिया एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। कई लोग इस वजह से मानसिक तनाव से भी गुजर रहे हैं। इस बारे में ऋतुराज कहते हैं कि मुश्किल समय सभी की ज़िंदगी में आता है। तब पूरी दुनिया आपके अंदर नकारात्मक विचार डालने की कोशिश करती है, यदि आप लोगों की बातें सुनकर दिल से लगा लेंगे तो कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। मेरे कॉलेज के फर्स्ट ईयर के दौरान जब मैं अपनी म्यूजिक की प्रैक्टिकल एग्जाम के लिए साइकिल से कॉलेज जा रहा था, तभी मुझे एक कार ने टक्कर मार दी। चोटें इतनी गहरी थी कि मैं 18 घंटे कोमा में रहा और फिर डॉक्टर ने मुझे डेढ़ साल के लिए आराम करने की सलाह दी।
मेरी पढाई बीच में ही रुक गई। तब तो लगा जैसे सब ख़त्म हो गया। आसपास के लोग भी हतोत्साहित करने लगे पर मैंने सिर्फ म्यूजिक पर फोकस किया। मुंबई आया, खुद के खर्चे पुरे करने के लिए सेलो पेन कंपनी में नौकरी भी की। इंडियन इडिअल के ऑडिशन दिया पर थिएटर राउंड से बाहर हो गाया। फिर ओडिसा लौटकर यहाँ इवेंट्स और ओर्केस्ट्रा में काम करने लगा। संगीत से मिली मेरी पहली कमाई सिर्फ 500 रुपए थी। एक दिन मैंने दोबारा मुंबई लौटने का मन बनाया यह सोचकर कि अब घर तभी लौटूंगा जब सफल हो जाऊंगा। मेरी मेहनत और लगन रंग लाई और मुझे बच्चन साहब और शाहरुख़ खान सहित बॉलीवुड के कई बड़े नामों के साथ काम करने का मौका मिला। मैंने कई टीवी और ओटीटी शोज के लिए भी काम किया है और लगातार काम कर रहा हूँ। यदि आप मेहनती और ईमानदार है तो आपको देर-सवेर सफलता जरूर मिलेगी।
नए सिंगर्स यूट्यूब चैनल से करें शुरुआत
यदि संगीत की समझ के साथ ही आपका व्यव्हार भी अच्छा है तो आपको अच्छे लोग खुद-ब-खुद मिलते चले जाएंगे और आप अपनी मंज़िल पा लेंगे। नए सिंगर्स को मेरा यही सुझाव है कि सफलता रातोरात नहीं मिलती उसके लिए लगातार कड़ी मेहनत और कई त्याग करने पड़ते हैं। इंटरनेट के समय में आपको बॉलीवुड का मोहताज़ बनने की जरूरत नहीं है। आप अपना यूट्यूब चैनल शुरू करके उस पर अच्छे गीत अपलोड कीजिए। यदि आपका संगीत अच्छा है तो आपको जरूर पहचान मिलेगी।


